
NEET 5 मार्च को ही होगा, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की स्थगित करने की याचिकाएं
क्या है खबर?
आज सुप्रीम कोर्ट में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET PG, 2023 को स्थगित करने संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई हुई।
कोर्ट ने परीक्षा को स्थगित नहीं करने का फैसला सुनाया और परीक्षा स्थगित करने से संबंधित सभी याचिकाएं रद्द कर दीं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, परीक्षा 5 मार्च को निर्धारित तारीख पर ही आयोजित की जाएगी और परीक्षा की तारीख में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में सरकार के वकील ने क्या कहा?
सरकार का पक्ष रखते हुए एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि दूसरी विंडो के दौरान केवल 6,000 छात्रों ने आवेदन किया, वहीं 2.3 लाख आवेदकों ने पहली विंडो में फॉर्म जमा किए थे और परीक्षा को स्थगित करने की मांग अल्पमत की है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजित कराने वाली पार्टनर एजेंसियों के पास निकट भविष्य में परीक्षा के कोई तारीख नहीं है।
ऐसे में परीक्षा स्थगित करना संभव नही हैं।
तीन महीने
याचिकाओं में क्या मांग की गई थी?
NEET PG देने वाले डॉक्टरों की मांग थी कि परीक्षा को तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया जाए।
उम्मीदवारों का कहना था कि परीक्षा और काउंसलिंग के बीच 5 महीने से अधिक का अंतर है।
अगर मार्च में परीक्षा होगी और अगस्त में अप्रेंटिस होगी तो बीच का समय खाली रहेगा। इस समय में वे नौकरी नहीं कर सकेंगे और न ही पढ़ाई।
अगर परीक्षा स्थगित कर दी जाए तो परीक्षार्थी ज्यादा मेहनत करेंगे और परिणाम अच्छे मिलेंगे।
छात्र
याचिकाकार्ताओं ने और क्या कहा था?
NEET स्थगित करने की मांग कर रहे याचिकाकर्ता डॉक्टरों का कहना है था नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन ने शुरू में NEET PG की कटऑफ तारीख 31 मार्च निर्धारित की थी, लेकिन बाद में इसे 30 जून तक बढ़ा दिया था।
7 अगस्त को दोबारा नोटिस जारी कर कटऑफ तारीख 11 अगस्त कर दी गई। याचिकाकर्ताओं ने सवाल उठाए कि जब कटऑफ तारीख आगे बढ़ाई जा रही है तो परीक्षा क्यों पहले के निर्धारित समय पर आयोजित की जा रही है।
परीक्षा
ये है परीक्षा का शेड्यूल
NEET PG, 2023 के एडमिट कार्ड आज जारी कर दिए गए हैं। 5 मार्च को परीक्षा होगी और 19 मार्च को नतीजे आ जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट से पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय भी परीक्षा को स्थगित करने की मांग को खारिज कर चुके हैं।
केंद्र सरकार भी संसद में परीक्षा टालने से इनकार कर चुकी है। सरकार महमारी के बाद से ही टाइम टेबल सही करने की कोशिश में है।