अगले 10 सालों में नई पीढ़ी को मिलेगी 1.4 लाख अरब रुपये की संपत्ति
आने वाले 10 सालों में भारत में बड़ा आर्थिक बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान करीब 1500 अरब डॉलर (करीब 1.4 लाख अरब रुपये) की संपत्ति पुरानी पीढ़ी से नई पीढ़ी के हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) के पास जाएगी।
अपने माता-पिता से अलग, युवा HNIs पैसों के मामले में काफी पेशेवर हो गए हैं। अब वे परिवार की संपत्ति को एक कारोबार की तरह मैनेज करते हैं, जिसमें साफ रिपोर्टिंग और जोखिम जांच पर खास ध्यान दिया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय निवेश में लगा रहे 10-20 फीसदी पैसा
HNIs की यह नई पीढ़ी एक ही जगह सारा पैसा नहीं लगा रही है। वे अपने निवेश को शेयर बाजार, प्राइवेट मार्केट, रियल एस्टेट और अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों में फैला रहे हैं।
विशेषज्ञों की सलाह पर वे अपनी कुल संपत्ति का 10 से 20 फीसदी हिस्सा अंतरराष्ट्रीय निवेश में लगा रहे हैं। ऐसा करके वे अपनी पारिवारिक संपत्ति को सुरक्षित रखते हैं और वैश्विक मौकों का भी फायदा उठा पाते हैं।