विप्रो का राजस्व 1.6 फीसदी गिरा, बुकिंग में मारी बाजी
विप्रो ने अपनी 80वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) आयोजित की, जिसमें अध्यक्ष ऋषद प्रेमजी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्रीनिवास पल्लिया ने कंपनी के आंकड़े पेश किए।
उन्होंने बताया इस साल कंपनी का राजस्व 1.6 फीसदी गिरकर 10.5 अरब डॉलर (करीब 1,000 अरब रुपये) हो गया, जिसकी वजह ग्राहकों द्वारा खर्चों में की गई कटौती रही।
हालांकि, कंपनी की बुकिंग्स में 14 फीसदी की बड़ी उछाल दर्ज की गई, जो 16.4 अरब डॉलर (करीब 1,500 अरब रुपये) तक पहुंच गई।
इससे साफ है कि कंपनी को अभी भी नए सौदे मिल रहे हैं। विप्रो ने अपने ऑपरेटिंग मार्जिन को बढ़ाकर 17.2 फीसदी कर दिया है और शेयरधारकों को भी अच्छा-खासा नकद वापस लौटाया है। पिछले 3 साल का भुगतान अनुपात लगभग 88 फीसदी तक पहुंच गया है।
AI स्टार्टअप्स में किया करीब 4,700 करोड़ रुपये निवेश
कंपनी ने अपने विप्रो इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर खास ध्यान दे रही है। यह प्लेटफॉर्म कंपनी के कामकाज को और भी तेज और स्मार्ट बना रहा है।
इसी के साथ कंपनी नई भूमिकाएं भी तैयार कर रही है। वह अपने वेंचर फंड विप्रो वेंचर्स के जरिए AI स्टार्टअप्स में 50 करोड़ डॉलर (करीब 4,700 करोड़ रुपये) का निवेश कर रहा है।
इसके अलावा, कंपनी 'आउटकम-बेस्ड प्राइसिंग' यानि परिणाम-आधारित भुगतान मॉडल की ओर भी बढ़ रही है।