केंद्रीय बजट 1 फरवरी को क्यों पेश होता है? जानिए दिलचस्प बात
क्या है खबर?
आज (1 फरवरी) रविवार है और पूरे देश में छुट्टी होने के बावजूद भी संसद में केंद्रीय बजट पेश हुआ। ऐसे में भारतीय शेयर बाजार भी पूरी तरह खुले हुए हैं। भारतीय इतिहास में यह पहली बार है, जब रविवार के दिन केंद्रीय या आम बजट पेश किया जा रहा है। पहले हर साल फरवरी के आखिरी कार्यदिवस पर बजट पेश होता था, लेकिन 2017 में प्रथा बदल दी गई। अब हर साल 1 फरवरी को बजट आता है।
परंपरा
क्यों 1 फरवरी को किया गया बजट?
दरअसल, बजट को 1 फरवरी को इसलिए किया गया, ताकि 1 अप्रैल को वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले नई नीतियों और कर नियमों को लागू करने के लिए अधिक समय मिल सके। फरवरी के अंत में बजट पेश होने से मंत्रालयों, व्यवसायों और करदाताओं के पास 1 अप्रैल को नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत होने पर नई नीतियों और कर नियमों को लागू करने के लिए बहुत कम समय होता था।
बजट
किसने पेश किया था सबसे पहले 1 फरवरी को बजट
बजट की तारीख में बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने किया था। ऐसे में 1 फरवरी को पहला केंद्रीय बजट 2017 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पेश किया था। इससे पहले समय में भी बदलाव हुआ था। पहले बजट शाम को 4 से 5 बजे के बीच पेश होता था, जबकि 1999 से इसे बदलकर सुबह 11:00 बजे कर दिया गया। यह बदलाव तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बेहतर मीडिया कवरेज के लिए किया था।
चुनौती
सुप्रीम कोर्ट में 1 फरवरी को दी गई थी चुनौती
बजट पेश करने की तारीख में बदलाव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी गई थी। तब याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि समय से पहले बजट पेश करने से सरकार को राज्य चुनावों से पहले लोकलुभावन वादे करने का मौका मिल सकता है। हालांकि, कोर्यट ने याचिका को खारिज कर दिया था और फैसला सुनाया कि केंद्रीय बजट का राज्यों से कोई लेना-देना नहीं है और राज्य चुनावों की बारंबारता केंद्र के कामकाज में बाधा नहीं डाल सकती।े