स्वास्थ्य बीमा लेते समय धूम्रपान और शराब पीने की आदत का खुलासा क्यों जरूरी?
क्या है खबर?
स्वास्थ्य बीमा लेते समय आपको अपनी बीमारियों की जानकारी के साथ-साथ स्वास्थ्य से संबंधित सभी जानकारी देनी जरूरी होता है। इससे आपका सालाना प्रीमियम थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर क्लेम लेते समय परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। कई लोग धूम्रपान और शराब पीने जैसी आदतों को बताना जरूरी नहीं समझते, जबकि इनका स्वास्थ्य से सीधा संबंध होता है। आइए जानते हैं आपको बीमा लेते समय इन आदतों की जानकारी देना क्यों आवश्यक है।
कारण
दोनों आदतें हैं बीमारियों का कारण
बीमा कंपनियों के अनुसार, धूम्रपान और शराब पीने से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी, हृदयाघात और अन्य दीर्घकालिक बीमारियों जैसी गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों की संभावना बढ़ जाती है, जो मृत्यु का कारण भी बन सकती हैं। इसका पता लगाने के लिए, स्वास्थ्य बीमाकर्ता जीवनशैली संबंधी बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती होने के विरुद्ध दायर क्लेम का बारीकी से मूल्यांकन करते हैं। खासकर ऐसे मामलों में जब बीमारी सीधे तौर पर तंबाकू या शराब के सेवन से संबंधित हो।
नुकसान
जानकारी न देने पर क्या होगा नुकसान?
जानकारों का कहना है कि धूम्रपान और शराब पीने की जानकारी न देने पर दावे में देरी हो सकती है। इसके अलावा भुगतान कम हो सकता है, या दावे को अस्वीकार भी किया जा सकता है। कंपनी के पास पॉलिसी के फायदे रद्द करने का पर्याप्त आधार होता है। एक बीमा कंपनी के सर्वे के अनुसार, 33 फीसद लोग बीमा इसलिए नहीं कराते कि उन्हें डर होता है कि उनकी इन आदतों से कंपनी पॉलिसी नहीं देगी।
फायदा
खुलासा करने का यह होगा फायदा
तंबाकू और शराब के सेवन का सटीक खुलासा बीमाकर्ताओं को निष्पक्ष अंडरराइटिंग करने और व्यक्ति के स्वास्थ्य-जोखिम स्तर के आधार पर उचित कवरेज वाली स्कीम प्रदान करने में सक्षम बनाता है। एक बार जब आप अपनी लाइफस्टाइल की आदतों की घोषणा कर देते हैं तो बीमाकर्ता दावों को सीधे तौर पर अस्वीकार नहीं कर सकते, भले ही बीमारी का सीधा कारण धूम्रपान और शराब का सेवन ही क्यों न हो। पॉलिसी के नवीनीकरण के समय भी ऐसी घोषणा करनी चाहिए।