खाते में पैसा होने के बाद भी क्यों विफल हो सकता है क्रेडिट कार्ड से भुगतान?
क्या है खबर?
कई क्रेडिट कार्डधारकों ने बैंक खाते में पर्याप्त पैसा होने के बावजूद भुगतान विफल होने की स्थिति का सामना किया है। अप्रत्याशित समस्या अक्सर बाद में सामने आती है, जब विलंब शुल्क लग जाता है या ब्याज जमा होना शुरू हो जाता है। अधिकतर मामलों में समस्या पैसे की नहीं होती, बल्कि भुगतान से जुड़ी बुनियादी व्यवस्था में होती है। आइये जानते हैं क्रेडिट कार्ड से भुगतान नहीं होने के और क्या कारण होते हैं।
कारण
कम्यूनिकेशन सिस्टम भी है परेशानी की वजह
ऑटो-डेबिट निर्देश कई सिस्टम्स के आपसी कम्यूनिकेशन पर निर्भर करते हैं। अगर, बैंक में रखरखाव कार्य चल रहा हो, भुगतान गेटवे बंद हो या लेनदेन का समय समाप्त हो जाए तो डेबिट प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी। सिस्टम के दृष्टिकोण से प्रयास विफल माना जाएगा, भले ही आपके खाते से कोई राशि न निकाली गई हो। आंशिक डेबिट ब्लॉक, KYC अपडेट के कारण अस्थायी रोक या बैंक द्वारा लगाया गया ग्रहणाधिकार (कानूनी दावा) भुगतान को रोक सकता है।
क्रेडिट लिमिट
लिमिट खत्म होने से आ सकती है परेशानी
दैनिक लेनदेन सीमा भी लोगों को परेशानी में डाल देती है। अगर, आपने उसी दिन अन्य लेनदेन के माध्यम से अपनी डेबिट सीमा का उपयोग कर लिया है तो क्रेडिट कार्ड से भुगतान अस्वीकृत हो सकता है। कभी-कभी समस्या ऑटो-डेबिट निर्देश में ही होती है। खाता परिवर्तन, बैंक विलय या बैकएंड अपग्रेड के बाद ऑटो-डेबिट निर्देश समाप्त हो सकते हैं या काम करना बंद कर सकते हैं। कई लोगों को इसका पता भुगतान विफल होने के बाद ही चलता है।
नुकसान
क्या हो सकते हैं इसके नुकसान?
कार्ड जारीकर्ता की ओर से भुगतान न होने पर उसे बकाया माना जाता है, जब तक कि नियत तारीख से पहले भुगतान प्राप्त न हो जाए। सबसे पहले विलंब शुल्क लगाया जाता है। इसके बाद ब्याज लगना शुरू होता है। देरी कुछ दिनों तक भी बढ़ जाती है तो इसे भुगतान न होने के रूप में दर्ज किया जा सकता है। इससे क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है। बार-बार भुगतान न होने पर बैंक खर्च सीमा कम कर सकते हैं।
उपाय
भुगतान अटकने के बाद करें ये उपाय
ऐसी समस्या आने पर भुगतान दोबारा करें और बेहतर होगा कि किसी अन्य तरीके या बैंक खाते का उपयोग करें। बकाया राशि का जल्द भुगतान करने से नुकसान सीमित होता है। इसके बाद कस्टमर सर्विस विभाग से पता करें कि यह क्यों विफल हुआ। देय तिथि बीत चुकी है तो कार्ड जारीकर्ता को सूचित करें। पर्याप्त शेष राशि और सिस्टम संबंधी समस्या होने पर बैंक अक्सर सद्भावना के तौर पर विलंब शुल्क माफ कर देते हैं।