व्हाइट हाउस सलाहकार ने छंटनी के लिए AI को बताया कंपनी का बहाना
क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाकई छंटनी की वजह है? व्हाइट हाउस में विज्ञान और प्रौद्योगिकी सलाहकार माइकल क्रैटसियोस को ऐसा नहीं लगता।
हाल ही में एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि कुछ कंपनियां छंटनी के लिए AI को एक आसान बहाना बना रही हैं, जबकि असल में ये बड़े कारोबारी फैसलों का हिस्सा होते हैं।
उन्हाेंने कहा, "मुझे लगता है कि आजकल बहुत से लोग, जब छंटनी करते हैं, जो वे वैसे भी करने वाले थे तो उसे AI पर मढ़ देते हैं क्योंकि प्रेस में यह बात बेहतर लगती है।"
अधिकारी कर रहे AI का समर्थन
AI और छंटनी का रिश्ता इतना सीधा नहीं है। माइक्रोसॉफ्ट ने अपने AI निवेश तो बढ़ाए, लेकिन करीब 4,800 नौकरियां भी खत्म कर दीं।
दूसरी तरफ, मेटा ने लगभग 7,000 कर्मचारियों को AI केंद्रित टीमों में भेजा, जबकि उसने कुल 8,000 पदों पर कटौती की।
ऑटोमेशन से नौकरियां जाने की चिंताओं के बावजूद क्रैटसियोस का मानना है कि AI नए अवसर भी पैदा करेगा और कार्यबल में होने वाले हर बदलाव के लिए उसे दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
OpenAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सैम ऑल्टमैन ने कहा कि AI पर नौकरी जाने और बढ़ती ऊर्जा खपत जैसी समस्याओं का आरोप लगाया जा रहा है, वहीं अमेजन के CEO जेफ बेजोस ने बड़े पैमाने पर बेरोजगारी की आशंकाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि उत्पादकता बढ़ने से लागत कम हो सकती है और आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।