बजट 2026 में किन घोषणाओं से शेयर बाजार रह सकता है सकारात्मक?
क्या है खबर?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अगले महीने 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश करेंगी। यह बजट वित्त वर्ष 2026-27 के लिए होगा और उनका लगातार नौवां बजट होगा। बजट को लेकर आम लोगों से लेकर कारोबारियों और निवेशकों तक सभी की नजरें टिकी हैं। इस बार टैक्स बदलाव की उम्मीद कम है, लेकिन सरकार किन सेक्टरों पर खर्च बढ़ाती है, यह देश की अर्थव्यवस्था और आने वाले समय की रफ्तार तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
सरकारी खर्च
सरकारी खर्च से बाजार को मिल सकता है सहारा
इस बजट में केंद्र सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, रेलवे, हाउसिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे अहम क्षेत्रों पर बहुत ज्यादा ध्यान दे सकती है। अगर इन सभी सेक्टरों में सरकारी खर्च बढ़ता है, तो इससे कंपनियों को नए प्रोजेक्ट मिलेंगे और रोजगार के मौके भी पैदा होंगे। ऐसे फैसले आमतौर पर शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माने जाते हैं, क्योंकि इससे आर्थिक गतिविधियां तेज होती हैं और निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे मजबूत होता है।
राहत
निवेश से जुड़े नियम दे सकते हैं राहत
इनकम टैक्स में बड़ी राहत की उम्मीद कम जताई जा रही है, लेकिन निवेश से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव संभव है। अगर सरकार शेयर बाजार से जुड़े टैक्स, जैसे लेन-देन पर लगने वाला टैक्स या लंबे समय के निवेश पर टैक्स में थोड़ी राहत देती है, तो निवेशक ज्यादा सक्रिय हो सकते हैं। ऐसे छोटे लेकिन अहम बदलाव भी बाजार के माहौल को सकारात्मक दिशा में ले जाने का काम कर सकते हैं।
उम्मीदें
लंबी अवधि की ग्रोथ पर टिकी उम्मीदें
यह बजट शायद तुरंत ही शेयर बाजार में कोई बड़ा उछाल न लाए, लेकिन इसके फैसले लंबे समय में काफी अहम साबित हो सकते हैं। अगर सरकार सभी स्थिर नीतियों, निर्यात बढ़ाने, उद्योगों को सपोर्ट करने और रोजगार सृजन पर फोकस करती है, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। ऐसे बजट को निवेशक भविष्य के लिहाज से भरोसेमंद मानते हैं, जो बाजार को धीरे-धीरे और स्थिर सहारा देता है।