गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट लगभग 8,000 अरब रुपये के निवेश का कहां करेगी उपयोग?
क्या है खबर?
गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए 84.75 अरब डॉलर (लगभग 8,000 अरब रुपये) का निवेश जुटाने की योजना का ऐलान किया है। कंपनी की शेयर बिक्री को निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली, जिसके बाद जुटाई जाने वाली राशि बढ़ाई गई। यह 2006 के बाद अल्फाबेट की पहली बड़ी इक्विटी बिक्री मानी जा रही है। कंपनी के CEO सुंदर पिचई ने कहा कि यह फंड AI की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेगा।
खर्च
AI सेवाओं और जेमिनी पर होगा खर्च
अल्फाबेट निवेश का बड़ा हिस्सा AI उत्पादों और सेवाओं को मजबूत करने में लगाएगी। कंपनी के अनुसार, जेमिनी AI अब उसके कई बड़े प्लेटफॉर्म को शक्ति दे रहा है। AI ओवरव्यू के 2.5 अरब से अधिक मासिक यूजर्स हैं, जबकि AI मोड ने एक अरब मासिक यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। जेमिनी ऐप के 90 करोड़ से अधिक मासिक यूजर्स हैं। कंपनी का कहना है कि AI सेवाओं की मांग उसकी मौजूदा क्षमता से ज्यादा हो चुकी है।
क्लाउड
क्लाउड और डाटा सेंटर को मिलेगा बढ़ावा
अल्फाबेट अपने गूगल क्लाउड कारोबार और तकनीकी ढांचे पर भी बड़ा निवेश करेगी। कंपनी के अनुसार, उसके क्लाउड ग्राहकों में से 75 प्रतिशत AI उत्पादों का उपयोग कर रहे हैं। गूगल क्लाउड का बैकलॉग 460 अरब डॉलर (लगभग 44,000 अरब रुपये) से अधिक पहुंच चुका है। कंपनी डाटा सेंटर, AI चिप्स और कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके अलावा, वह अपने टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट्स (TPU) को भी अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
सब्सक्रिप्शन
सब्सक्रिप्शन और नई तकनीकों पर फोकस
कंपनी AI के साथ-साथ अपने सब्सक्रिप्शन कारोबार को भी बढ़ाने की योजना बना रही है। यूट्यूब और गूगल वन की मदद से इसके भुगतान करने वाले ग्राहकों की संख्या 35 करोड़ तक पहुंच चुकी है। अल्फाबेट का मानना है कि AI आधारित सेवाएं, विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन भविष्य में नए राजस्व स्रोत बनेंगे। कंपनी लगातार नए AI मॉडल, टूल और प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी मजबूत कर सके।
अन्य
वेमो से क्वांटम कंप्यूटिं
अल्फाबेट सिर्फ AI तक सीमित नहीं है। कंपनी वेमो की स्वचालित टैक्सी सेवा, विंग की ड्रोन डिलीवरी, रोबोटिक्स, दवा खोज तकनीक और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में भी निवेश कर रही है। पिचई के अनुसार, 2022 में कंपनी का पूंजीगत खर्च 31 अरब डॉलर था, जो अब बढ़कर 180-190 अरब डॉलर (लगभग 17,000-18,000 अरब रुपये) तक पहुंच सकता है। उनका कहना है कि भविष्य की तकनीकों में निवेश कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति का अहम हिस्सा है।