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पर्सनल लोन पर टॉप-अप भी पड़ सकता है महंगा, जानिए कब लेना सही 
पर्सनल लोन पर टॉप-अप कई बार नुकसानदायक भी हो सकता है

पर्सनल लोन पर टॉप-अप भी पड़ सकता है महंगा, जानिए कब लेना सही 

Jan 14, 2026
07:56 pm

क्या है खबर?

जब आपको अतिरिक्त पैसों की आवश्यकता होती है तो पर्सनल लोन टॉप-अप को अक्सर सबसे सरल समाधान माना जाता है। आपके पास पहले से ही लोन है, आप समय पर भुगतान कर रहे हैं और बैंक न्यूनतम कागजी कार्रवाई के साथ आपको और लोन देने को तैयार है। पैसा 1-2 दिन या कभी-कभी इससे जल्दी आपके खाते में आ सकता है। यह काफी सुविधाजनक है, लेकिन इससे कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। आइये जानते हैं टॉप-अप लोन कब फायदेमंद है।

जोखिम 

टॉप-अप से जुड़े हैं ये जोखिम

टॉप-अप आपके मौजूदा पर्सनल लोन के साथ मिलने वाली एक अतिरिक्त राशि है। इससे EMI, लोन की अवधि या दोनों बढ़ सकते हैं। आमतौर पर ग्राहक बढ़ी हुई EMI पर ही ध्यान नहीं देते, जबकि कई बैंक लोन की अवधि बढ़ा देते हैं। इस कारण आपको ज्यादा समय तक अतिरिक्त ब्याज देना पड़ता है। कई बार टॉप-अप और मौजूदा लोन की ब्याज दर मिला दी जाती है, जिससे नुकसान होता है। आसान होने के कारण फिजूलखर्ची को भी बढ़ाता है।

फायदेमंद 

ऐसी स्थितियों में लेना फायदे का सौदा 

टॉप-अप तब सबसे अच्छा काम करता है, जब चिकित्सा खर्च, घर की तत्काल मरम्मत या अल्पकालिक नकदी की कमी को पूरा करना के लिए लिया जाए। आप मौजूदा ग्राहक हैं और लोन चुकाने का अच्छा रिकॉर्ड है तो बैंक नए पर्सनल लोन की तुलना में कम ब्याज दर पर टॉप-अप की पेशकश कर सकते हैं। प्रोसेसिंग शुल्क और दस्तावेजीकरण भी कम होता है। आपकी आय में वृद्धि हुई है तो यह कम ब्याज दर पर मिल सकता है।

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