क्या है NIMHANS 2.0, जिसकी बजट में की गई है घोषणा? जानिए इसमें क्या होगा
क्या है खबर?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आम बजट पेश किया। इसमें उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर NIMHANS 2.0 शुरू करने का ऐलान किया। इसके तहत सरकार राष्ट्रीय टेली-मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसके जरिए लोगों को फोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य परामर्श मिलेगा। ऐसे में आइए जानते हैं NIMHANS 2.0 क्या है और इसमें कैसे लोगों को मानसिक स्वास्थ्य परामर्श मिल सकेगा।
कार्यक्रम
NIMHANS 2.0 क्या है?
NIMHANS 2.0 की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS) को अब राष्ट्रीय स्तरीय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए उत्तर भारत में NIMHANS 2.0 की स्थापना की जाएगी। इसके बाद देश के बड़े हिस्से के रूप में पहचान रखने वाले उत्तर भारत के लोगों को भी बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेगी। इसका उन्हें बड़ा फायदा मिलेगा।
मजबूती
डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र होगा मजबूत
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक ओपन डिजिटल प्लेटफॉर्म लांच करने की भी बात कही है। इस प्लेटफॉर्म के तहत स्वास्थ्य प्रदाता और अस्पतालों की डिजिटल रजिस्ट्री, हर नागरिक के लिए यूनिक हेल्थ पहचान नंबर और देशभर में इलाज की सुविधाओं तक यूनिवर्सल एक्सेस सुनिश्चित किया जाएगा। वित्त मंत्री ने बताया कि यह डिजिटल ढांचा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा भरोसेमंद, पारदर्शी और सुलभ बनाएगा, जिसका अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
फायदा
NIMHANS 2.0 से उत्तर भारत को क्या फायदा होगा?
NIMHANS बेंगलुरु स्थित देश का प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थान है, जो इलाज, प्रशिक्षण और खोज का का राष्ट्रीय केंद्र है। उत्तर भारत में NIMHANS 2.0 बनाए जाने के बाद नया केंद्र मानसिक रोगों के इलाज के साथ-साथ डॉक्टरों और काउंसलर्स की ट्रेनिंग और रिसर्च को बढ़ावा देगा। इससे उत्तर भारत के मरीजों को विशेषज्ञ इलाज के लिए दक्षिण भारत नहीं जाना पड़ेगा और क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। इसका युवा पीढ़ी को ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है।
टेली-मानस
टेली-मानस क्या है और इसमें क्या नया होगा?
टेली-मानस (Tele-MANAS) देश का राष्ट्रीय टेली-मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम है, जो 24x7 मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग देता है। लोग टोल-फ्री नंबर के जरिए काउंसलर और डॉक्टरों से बात कर सकते हैं। यह सेवा पहले से काम कर रही है और लाखों कॉल्स संभाल चुकी है। बजट 2026 में इसे और मजबूत करने की बात कही गई है। टेक्नोलॉजी सपोर्ट के साथ नेटवर्क को विस्तार मिलेगा, ताकि ज्यादा लोगों तक समय पर मदद पहुंचाई जा सके।
अहमियत
क्यों अहम है NIMHANS 2.0 की घोषणा?
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में अवसाद, चिंता और तनाव से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में टेली-मेंटल हेल्थ काउंसलिंग और NIMHANS 2.0 जैसे संस्थान उन लोगों के लिए राहत बन सकते हैं, जो अब तक विशेषज्ञ इलाज से दूर रहे हैं। बता दें कि देश में वर्तमान जीवन शैली में तनाव, अवसाद और चिंता लोगाें में घर करने लगी है। युवा आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।