किसी की मृत्यु के बाद आधार का क्या होता है? जानिए इसे कैसे करें बंद
क्या है खबर?
आधार कार्ड आज के समय में एक बहुत ही जरूरी दस्तावेज है, जिसका इस्तेमाल बैंक, मोबाइल, सब्सिडी और कई सरकारी योजनाओं में किया जाता है। ऐसे में जब परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है, तो यह सवाल उठता है कि उसके आधार नंबर का क्या किया जाए। कई लोगों को यह पता नहीं होता कि मृत्यु के बाद आधार अपने आप बंद नहीं होता। अगर समय पर कार्रवाई न की जाए, तो दुरुपयोग की आशंका रहती है।
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आधार अपने आप बंद नहीं होता
मृत्यु के बाद आधार नंबर सक्रिय ही रहता है, जब तक परिवार की ओर से इसे बंद कराने की प्रक्रिया पूरी न की जाए। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी (UIDAI) ने इसके लिए ऑनलाइन सुविधा दी है। इसका मकसद है कि मृत व्यक्ति के आधार का गलत इस्तेमाल न हो। बैंक अकाउंट, सब्सिडी और मोबाइल नंबर जैसी कई सेवाएं आधार से जुड़ी होती हैं, इसलिए इसे सुरक्षित तरीके से बंद कराना जरूरी है।
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ऑनलाइन कैसे करें रिपोर्ट?
परिवार का कोई सदस्य UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लॉग इन कर सकता है। वहां 'परिवार के सदस्य की मृत्यु की रिपोर्ट करें' विकल्प चुनना होता है। इसके बाद मृत व्यक्ति का आधार नंबर, मृत्यु पंजीकरण नंबर और डेथ सर्टिफिकेट की जानकारी भरनी होती है। दस्तावेज PDF, JPGE या PNG फॉर्मेट में अपलोड किए जाते हैं। जानकारी सही होने की घोषणा करने के बाद आवेदन जमा किया जाता है।
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सत्यापन के बाद होता है डीएक्टिवेशन
आवेदन जमा होने के बाद UIDAI दस्तावेजों की जांच करता है। जानकारी सही पाए जाने पर मृत व्यक्ति का आधार नंबर डीएक्टिवेट कर दिया जाता है। यह कदम पहचान की चोरी, बैंक धोखाधड़ी और अन्य गलत इस्तेमाल को रोकने में मदद करता है। ऑनलाइन सुविधा से परिवारों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इस प्रक्रिया से मृतक की पहचान को औपचारिक रूप से बंद कर सुरक्षित रखा जा सकता है।