वीवर्क ने घाटे की भरपाई करने के लिए शेयर पूंजी कम करने की मांगी मंजूरी
वीवर्क इंडिया अपनी शेयर कैपिटल को 2,050 करोड़ रुपये कम करना चाहती है। इसके लिए उसने बेंगलुरु की राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) में अर्जी दी है।
इसका मकसद अपने सिक्योरिटीज प्रीमियम अकाउंट से पैसे निकालकर मार्च तक जमा हुए घाटे की भरपाई करना है। इस पूरी योजना को कंपनी के बोर्ड और शेयरधारकों दोनों ने ही इस साल की शुरुआत में मंजूरी दे दी थी।
घाटा 4.3 करोड़ रुपये तक सिमटा
कंपनी के वित्त वर्ष 2027 पहली तिमाही (Q1) के आंकड़े वाकई बेहतर नतीजे दिखा रहे हैं। पिछले साल 14.1 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था, जो इस बार घटकर 4.3 करोड़ रुपये रह गया है।
दूसरी तरफ, कंपनी का राजस्व सालाना 27.7 फीसदी बढ़कर 705 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। EBITDA में भी 30.4 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई और यह 438 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा, वीवर्क इंडिया ने तेजी से विस्तार किया है। पिछले साल के मुकाबले उसने नए सेंटर खोले हैं और ज्यादा डेस्क स्पेस भी जोड़ा है।