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अमेरिकी रेगुलेटर ने अडाणी को ईमेल समन भेजने के लिए कोर्ट से मंजूरी मांगी
अमेरिकी रेगुलेटर ने कोर्ट से मंजूरी मांगी

अमेरिकी रेगुलेटर ने अडाणी को ईमेल समन भेजने के लिए कोर्ट से मंजूरी मांगी

Jan 23, 2026
03:14 pm

क्या है खबर?

अमेरिका में चल रही जांच के बीच अडाणी समूह से जुड़ा मामला फिर चर्चा में है। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने फेडरल कोर्ट से बड़ा अनुरोध किया है। SEC चाहता है कि अरबपति गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी को सीधे ईमेल के जरिये समन भेजने की अनुमति दी जाए। रेगुलेटर का कहना है कि भारत के कानून और न्याय मंत्रालय ने पिछले 14 महीनों में दो बार उसकी औपचारिक मदद की मांग को खारिज कर दिया है।

मामला

SEC का आरोप और बॉन्ड ऑफरिंग का मामला

SEC के मुताबिक, यह मामला लगभग 6,800 करोड़ रुपये की बॉन्ड ऑफरिंग से जुड़ा है, जिसके जरिये अमेरिकी निवेशकों से लगभग 1,600 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। SEC का दावा है कि गौतम और सागर ने इन आरोपों से इनकार किया है और कई सार्वजनिक बयान भी दिए हैं। इसके साथ ही, उनकी कंपनियों ने इस केस से जुड़े रेगुलेटरी खुलासे भी किए हैं, जिससे यह साफ होता है कि मामला औपचारिक रूप से रिकॉर्ड में मौजूद है।

मदद

भारत से मदद न मिलने पर अड़चन

SEC ने बताया कि उसने हेग कन्वेंशन के तहत भारत सरकार से समन भेजने में मदद मांगी थी। हालांकि, भारत के कानून और न्याय मंत्रालय ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए दो बार यह अनुरोध लौटा दिया। मंत्रालय का कहना था कि दस्तावेजों में जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं थीं। SEC का तर्क है कि अब इस रास्ते से आगे बढ़ने की संभावना कम है, इसलिए ईमेल के जरिये समन भेजना जरूरी हो गया है।

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पक्ष

रिश्वत के आरोप और अडाणी समूह का पक्ष

इस मामले से जुड़ी जांच में अमेरिकी अभियोजकों ने सोलर पावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े कथित रिश्वत के आरोप भी लगाए हैं। दावा किया गया है कि कुछ सरकारी अधिकारियों को बड़ी रकम दी गई। इस पर अडाणी समूह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और उन्हें बेबुनियाद बताया है। समूह का कहना है कि वह कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नियमों का पूरी तरह पालन करता है और जांच में सहयोग करता रहेगा।

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