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अमेरिका-ईरान शांति समझौते से सस्ता हुआ कच्चा तेल, कीमतों में 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट
अमेरिका-ईरान शांति समझौते से सस्ता हुआ कच्चा तेल

अमेरिका-ईरान शांति समझौते से सस्ता हुआ कच्चा तेल, कीमतों में 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट

Jun 18, 2026
09:51 am

क्या है खबर?

अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की खबर के बाद गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड की कीमत 89 सेंट यानी 1.12 फीसदी गिरकर 78.66 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड 98 सेंट यानी 1.28 फीसदी टूटकर 75.81 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार को उम्मीद है कि इस समझौते से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आई रुकावट दूर हो सकती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य

60 दिन की बातचीत और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमति

अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 बिंदुओं वाले समझौते के तहत अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहेगी। इसके साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की निर्बाध आवाजाही की अनुमति देने पर सहमति जताई है। यह समुद्री मार्ग दुनियाभर में तेल और गैस की सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है। समझौते के अनुसार, अगले 30 दिनों में इस रास्ते को पूरी क्षमता के साथ दोबारा चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रस्ताव

300 अरब डॉलर पैकेज का प्रस्ताव

शुरुआती समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम सहित कई बड़े मुद्दे अब भी सुलझ नहीं पाए हैं। समझौते में ईरान की आर्थिक बहाली के लिए 300 अरब डॉलर के फंड पैकेज का भी प्रस्ताव रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का मानना है कि अगर समझौता पूरी तरह लागू हो जाता है और होर्मुज जलडमरूमध्य सामान्य रूप से खुल जाता है, तो दुनिया में तेल की आपूर्ति तेजी से बढ़ सकती है और बाजार की तस्वीर बदल सकती है।

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सप्लाई

2027 तक अतिरिक्त सप्लाई की आशंका

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि समझौता पूरी तरह लागू होने पर 2027 तक दुनिया में तेल की आपूर्ति मांग से प्रतिदिन 50.5 लाख बैरल ज्यादा हो सकती है। इससे बाजार में अतिरिक्त सप्लाई की स्थिति बन सकती है और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। आने वाले समय में तेल बाजार की दिशा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका और ईरान अपने अंतरिम समझौते को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।

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