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डोनाल्ड ट्रंप और पेजेश्कियन ने ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, अब प्रभावी रूप से लागू
डोनाल्ड ट्रंप और मसूद पेजेश्कियन ने ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन पर डिजिटल हस्ताक्षर किए

डोनाल्ड ट्रंप और पेजेश्कियन ने ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, अब प्रभावी रूप से लागू

लेखन गजेंद्र
Jun 18, 2026
07:33 am

क्या है खबर?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने संघर्ष को समाप्त करने के लिए बुधवार को समझौता ज्ञापन (MoU) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए। दोनों राष्ट्रपतियों ने दस्तावेज पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए, जबकि इससे पहले रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गलिबाफ ने डिजिटल हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। अब 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक समारोह नहीं होगा।

हस्ताक्षर

फ्रांस में रात्रिभोज के दौरान हस्ताक्षर

व्हाइट हाउस ने बताया कि, राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार रात को फ्रांस के वर्साय पैलेस में आयोजित रात्रिभोज के दौरान अमेरिका-ईरान समझौते की हार्ड कॉपी पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए हैं। व्हाइट हाउस की ओर से इस हस्ताक्षर समारोह का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी उनके साथ रात्रिभोज की मेज पर मौजूद हैं। समझौते पर हस्ताक्षर के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी पोस्ट करके इसकी पुष्टि की।

बैठक

जिनेवा में नहीं होगी बैठक

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने कहा कि इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के मसौदे पर दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के हस्ताक्षर हो चुके हैं- अब समझौते के कार्यान्वयन का परीक्षण करने का समय आ गया है। समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में होना था, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। हालांकि, वार्ता टीमें जिनेवा में इकट्ठा होंगी, इसका उद्देश्य समझौते पर हस्ताक्षर करना नहीं बल्कि आगे की बातचीत होगा।

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ट्विटर पोस्ट

डोनाल्ड ट्रंप हस्ताक्षर करते हुए

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समझौता

होर्मुज जलडमरूमध्य खुलेगा और अमेरिकी नाकाबंदी हटेगी

शरीफ ने एक्स पर लिखा कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं और उन्होंने मध्यस्थ के तौर पर इसे मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि इस्लामाबाद MoU तुरंत लागू होगा और पहले कदम के तौर पर, ईरान तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलेगा और अमेरिका तुरंत ईरानी बंदरगाहों से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटा लेगा। शरीफ ने लिखा कि समझौते पर हस्ताक्षर दिखाता है कि दोनों पक्ष विवाद को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने को प्रतिबद्ध हैं।

युद्ध

28 फरवरी को शुरू हुआ था युद्ध

अमेरिका-इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ 28 फरवरी को घातक हमला किया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद, ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाना शुरू किया और अति-महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापारिक जहाजों के लिए बंद कर दिया। इससे पूरे विश्व में भीषण तेल और गैस संकट पैदा हो गया। युद्ध में ईरान में 3,500 से अधिक लोग मारे गए हैं।

समझौता

समझौते में क्या है?

इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोला जाएगा, जो दुनिया का महत्वपूर्ण तेल और गैस आपूर्ति का जलमार्ग है। साथ ही, ईरान से अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध हटाने का रास्ता खुलेगा। इसके बदले, ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने का वादा किया है। ज्ञापन में 60 दिन के युद्धविराम में समझौते को व्यापक तौर से लागू करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। लेबनान समेत सभी मोर्चों पर हमला बंद करना होगा, जिससे इजरायल सहमत नहीं है।

ट्विटर पोस्ट

ईरान के राष्ट्रपति ने दिखाया समझौते पर हस्ताक्षर

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