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क्या है 'ऑरेंज अर्थव्यवस्था, जिसका निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में जिक्र किया? 
ऑरेंज अर्थव्यवस्था रचनात्मकता से जुड़ी हुई है

क्या है 'ऑरेंज अर्थव्यवस्था, जिसका निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में जिक्र किया? 

लेखन गजेंद्र
Feb 01, 2026
06:42 pm

क्या है खबर?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट 2026 पेश करते समय 'ऑरेंज अर्थव्यवस्था' का जिक्र किया है, जिसके बाद इस शब्द को लेकर लोगों को दिलचस्पी बढ़ गई है। सीतारमण ने घोषणा की है कि इस अर्थव्यवस्था के तहत एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVCG) क्षेत्र आते हैं, जिसका सरकार आगे बढ़कर समर्थन करेगी। आइए, जानते हैं कि क्या है 'ऑरेंज अर्थव्यवस्था' और यह कैसे काम करती है?

अर्थव्यवस्था

'ऑरेंज अर्थव्यवस्था' को 'रचनात्मक अर्थव्यवस्था' भी कहते हैं

ऑरेंज अर्थव्यवस्था को रचनात्मक अर्थव्यवस्था भी कहते हैं। यह रचनात्मकता, संस्कृति, ज्ञान, कल्पना, बौद्धिक संपदा पर आधारित है। यह अर्थव्यवस्था किसी मशीन या भौतिक उत्पाद से नहीं बल्कि परिकल्पना, विचार और क्रिएटिविटी से चलती है। 'ऑरेंज अर्थव्यवस्था' शब्द सबसे पहले 2010 में अंतर-अमेरिका विकास बैंक ने शुरू किया था। अमेरिका, चीन समेत कई देश इसको लेकर गंभीर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में WAVES शिखर सम्मेलन में भारत को वैश्विक ऑरेंज इकोनॉमी हब बनाने की बात कही थी।

घोषणा

सरकार इसे बढ़ाने के लिए क्या करेगी?

सीतारमण ने बताया कि भारत का एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर एक बढ़ती हुई इंडस्ट्री है, जिसमें 2030 तक 20 लाख प्रोफेशनल्स की ज़रूरत होने का अनुमान है। उन्होंने बजट में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज़ (IICT) मुंबई को 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने में मदद करने की घोषणा की है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भी रोजगार और आर्थिक विकास में रचनात्मकता-आधारित क्षेत्रों के योगदान पर बल है।

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भारत

भारत में 'ऑरेंज अर्थव्यवस्था' कितनी सफल होगी?

भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं और क्रिएटर्स की बढ़ती संख्या के बाद 2024 तक, यह रोजगार और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला क्षेत्र बन गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत क्रिएटिव स्टार्टअप्स में तीसरे स्थान पर है। वैश्विक स्तर पर 180 लाख करोड़ रुपये से अधिक के मूल्य वाला यह क्षेत्र भारत की सॉफ्ट पावर और इनोवेशन इकोनॉमी के लिए महत्वपूर्ण है। भारत में 2029 तक यह क्षेत्र 4,500 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा।

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महत्व

भारत में कामयाब है यह क्षेत्र

भारत में 'ऑरेंज अर्थव्यवस्था' से करीब 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिले है, जिसमें फिल्म, डिजाइन और शिल्प में काम करने वाले लोग हैं। पिछले 3 वर्षों में सिर्फ 21,000 करोड़ का भुगतान यूट्यूब ने भारत के क्रिएटर्स को किया है। संयुक्त राष्ट्र की क्रिएटिव इकनॉमी आउटलुक 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भारत में यह 2,700 करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था है। भारत में 8 प्रतिशत रोजगार इसी अर्थव्यवस्था से पैदा हो रहा है।

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