बजट 2026: क्या है चिकित्सा पर्यटन, जिसमें दिख रही भारत को संभावनाएं?
क्या है खबर?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 के भाषण में चिकित्सा पर्यटन में बड़ी संभावना की उम्मीद जताई है। यह क्षेत्र विदेशियों को भारत में इलाज के लिए आकर्षित करता है। उन्होंने भाषण के दौरान बताया कि भारत में चिकित्सा पर्यटन सेवा केंद्र के रूप में बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी की जाएगी और 5 क्षेत्रीय केंद्रों की स्थापना होगी। क्या है चिकित्सा पर्यटन और सरकार इसमें क्या सुधार करेगी? आइए, जानते हैं।
चिकित्सा
चिकित्सा पर्यटन क्या है और इसमें भारत में संभावनाएं क्यों हैं?
चिकित्सा पर्यटन इलाज, सर्जरी, थेरेपी या अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अपने देश से दूसरे देश में जाने वाले लोगों से जुड़ा है। भारत इस मामले में काफी लोकप्रिय है क्योंकि यहां इलाज की लागत अमेरिका-यूरोप को मुकाबले 60-80 प्रतिशत कम हैं और दुनिया में भारतीय डॉक्टरों के प्रति विश्वसनीयता है। भारत में सिर्फ एलोपैथ ही नहीं बल्कि आयुर्वेद, प्राकृतिक उपचार, योग, यूनानी, होम्पोपैथी, सिद्ध जैसी पारंपरिक सेवाओं से दिलचस्पी बढ़ती है। यहां इलाज का इंतजार भी काफी कम है।
घोषणा
बजट में क्या हुई घोषणा?
सीतारमण ने कहा केंद्र सरकार निजी क्षेत्र की साझेदारी में 5 क्षेत्रीय चिकित्सा पर्यटन केंद्रों की स्थापना के लिए राज्यों को सहायता देगी, जिसके लिए एक योजना का शुभारंभ होगा। ये केंद्र एकीकृत स्वास्थ्य सेवा परिसर रूप में सेवा प्रदान करेंगे, जिनमें चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाएं होंगी। इनमें उपचार और उसके बाद देखभाल और पुनर्वास के लिए आयुष केंद्र और चिकित्सा मूल्य पर्यटन सुविधा केंद्र होंगे। ये केंद्र डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों (AHP) को कार्य अवसर प्रदान करेंगे।
सुविधा
केंद्रों में क्या होगा?
ये केंद्र किन राज्यों में होगा, इसकी घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, इसमें उन विशेष शहरों का ध्यान रखा जाएगा, जहां अत्यधिक पर्यटक इलाज के लिए आते हैं। केंद्र जो एकीकृत स्वास्थ्य केंद्र बनाएगी, उसमें आधुनिक मेडिकल सुविधाएं आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी चिकित्सा केंद्र, डायग्नोस्टिक्स, देखभाल औऱ पुनर्वास की सुविधा होगी। साथ ही 1 लाख AHP, 3 नए आयुर्वेद एम्स भी मेडिकल पर्यटन को मदद करेंगे। इससे रोजगार बढ़ेगा, विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ेगा और स्वास्थ्य क्षेत्र मजबूत होगा।