IRDAI गलत तरीके से बीमा पॉलिसी बेचने वालों पर कसेगा नकेल
भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) एक नया नियम लाने जा रहा है। इस नियम के तहत हर इंश्योरेंस पॉलिसी को सीधे उस व्यक्ति से जोड़ा जाएगा, जिसने उसे बेचा है, चाहे वह कोई एजेंट हो, ब्रोकर हो या किसी बैंक का कर्मचारी।
इसका मुख्य मकसद यह है कि अगर, पॉलिसी को लेकर कोई शिकायत आती है, खासकर गलत बिक्री की तो आसानी से यह पता चल सके कि उसे किसने बेचा था और क्या सही जानकारी दी गई थी।
ये सभी बदलाव 'सबका बीमा, सबकी रक्षा' (बीमा कानूनों में संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत किए जा रहे हैं।
नियम तोड़ने पर 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव
इस नए नियम का खास मकसद गलत बिक्री को रोकना है। कई बार देखने में आता है कि बीमा पॉलिसियों को लोग फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या गारंटीड रिटर्न बताकर बेच देते हैं, जबकि यह तरीका सरासर गलत है।
अगर, ऐसी कोई शिकायत आती है तो बीमा कंपनियां आसानी से पता लगा पाएंगी कि इसके लिए कौन जिम्मेदार था और क्या पॉलिसी बेचते समय सही जानकारी दी गई थी।
IRDAI बीमा बेचने वालों के लिए और भी सख्त नियम बनाना चाहता है। इनमें एक बड़ा बदलाव यह भी है कि बीमा एजेंट्स का पंजीकरण अब आजीवन यानि हमेशा के लिए रहेगा।
उन्हें हर साल इसे रिन्यू कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नियम तोड़ने पर लगने वाले जुर्माने की राशि को भी एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।