दुनिया में अमीरी-गरीबी का फासला और बढ़ा, UBS की रिपोर्ट में खुलासा
UBS की ग्लोबल वेल्थ रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में दुनियाभर की निजी संपत्ति 10.8 फीसदी बढ़ गई है, जो सालों में सबसे तेज रफ्तार है।
इस बढ़त की मुख्य वजह शेयर बाजार का अच्छा प्रदर्शन और घरों-दुकानों जैसी चीजों की बढ़ती कीमतें रही हैं, लेकिन रिपोर्ट में एक बड़ी चिंता भी उठाई गई है क्योंकि जहां पूरी दुनिया अमीर हो रही है, वहीं अमीर और आम लोगों के बीच का अंतर और बढ़ गया है।
ज्यादातर लोगों की संपत्ति हुई कम
रिपोर्ट में सामने आया है कि जहां औसत संपत्ति तो बढ़ गई, वहीं ज्यादातर लोगों के पास जो संपत्ति थी, वो कई देशों में कम हो गई।
इससे पता चलता है कि संपत्ति बढ़ने का यह फायदा ज्यादातर सिर्फ बहुत अमीर लोगों को मिला और आम लोगों को पीछे छोड़ दिया गया।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भले ही बाजार ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इसका फायदा हर किसी को नहीं मिला।
स्वीडन या अमेरिका की तुलना में कम है भारत की वित्तीय संपत्ति
रिपोर्ट बताती है कि भारत में परिवारों की कुल संपत्ति का 25.8 फीसदी हिस्सा वित्तीय संपत्तियों के रूप में है। यह स्वीडन या अमेरिका जैसे देशों के मुकाबले काफी कम है। इसके साथ ही, भारत पर कर्ज का स्तर स्विट्जरलैंड या ब्राजील जैसे देशों की तुलना में बहुत कम है।