कटे-फटे नोटों से मिलेगी छुट्टी, RBI ला रहा प्लास्टिक के नोट
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब पॉलीमर नोटों को आजमाने की तैयारी कर रहा है। इसका मकसद कैश की बढ़ती मांग को पूरा करना और नोटों की छपाई पर आने वाले खर्च को कम करना है।
हाल ही में हुई बोर्ड बैठकों में इस विचार पर बात हुई, क्योंकि छपाई पर होने वाला खर्च पिछले वित्त वर्ष 2024 में 5,101.4 करोड़ रुपये से बढ़कर इस वित्त वर्ष 2025 में 6,372.8 करोड़ रुपये हो गया है।
टिकाऊ होने के साथ होंगे महंगे
पॉलीमर नोट एक खास तरह के प्लास्टिक से बनते हैं, जिसे BOPP कहते हैं। इसी वजह से ये आम कागज के नोटों से 2.5 से 4 गुना ज्यादा मजबूत होते हैं और इसलिए ये ज्यादा दिनों तक चलते हैं। हालांकि, इन्हें बनाने का खर्चा कागज के नोटों से लगभग दोगुना होता है।
पहले भारत में इन्हें लाने की कोशिशें सफल नहीं हो पाई थीं क्योंकि, तब कुछ तकनीकी दिक्कतें थीं, लेकिन अब जब ATM बेहतर हो गए हैं और सुरक्षा के नए फीचर्स भी आ गए हैं तो RBI को लगता है कि अब इन्हें आजमाने का अच्छा मौका है।
अगर, यह प्रयोग सफल रहा तो भारत भी ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों की कतार में शामिल हो जाएगा, जो पहले से ही इन टिकाऊ नोटों का इस्तेमाल कर रहे हैं।