रुपये को 96 के स्तर तक पहुंचने से रोकने के लिए RBI ने बेचे अरबों डॉलर
बुधवार (30 सितंबर) को शुरुआती कारोबार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दबाव में रहा और 3 पैसे गिरकर 95.97 पर आ गया।
सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से डॉलर की मांग और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण रुपये पर दबाव बना।
इंटरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.87 पर खुला, लेकिन बाद में कमजोर होकर 95.97 पर आ गया। इससे एक दिन पहले रुपया 95.94 पर बंद हुआ था, जो 96 के स्तर के आस-पास था।
विदेशी मुद्रा भंडार में आई कमी
रुपये को 96 के आंकड़े से ऊपर जाने से रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सरकारी बैंकों के जरिए लगातार दखल दे रहा है। RBI के इस प्रयास का असर देश के विदेशी मुद्रा भंडार में दिख रहा है, जो 14.9 अरब डॉलर (करीब 1,400 अरब रुपये) घटकर अब 766 अरब डॉलर (करीब 72,000 अरब रुपये) हो गया है।
कोटक सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के प्रमुख अनिंद्य बनर्जी ने बताया कि अमेरिका में मजबूत बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों द्वारा पूंजी निकालने से भी रुपये पर दबाव बढ़ा है।
सेंसेक्स और निफ्टी में दिखी बढ़त
मुद्रा बाजार में इन चुनौतियों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। आज शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 190 अंक ऊपर चढ़ा, वहीं निफ्टी में भी 22 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। यह दिखाता है कि फिलहाल घरेलू निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।