तेल-बॉन्ड यील्ड की मार से डॉलर के मुकाबले रुपया 96.41 पर फिसला
भारतीय रुपया मंगलवार (6 अक्टूबर) को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 96.41 पर फिसल गया। इसकी मुख्य वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड का बढ़ना है, जिससे डॉलर और भी ज्यादा आकर्षक हो गया है।
रुपये पर बढ़ते इस दबाव के चलते अब सभी की नजर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पर टिकी है कि वह हालात को स्थिर रखने के लिए क्या करता है?
रुपया 97 तक पहुंचने की आशंका
अगर, गिरावट का यह सिलसिला ऐसे ही जारी रहता है तो एक बैंक करेंसी ट्रेडर ने बताया कि रुपया और भी नीचे जा सकता है और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 97 तक पहुंच सकता है।
इसका सीधा मतलब होगा कि ईंधन जैसे आयातित सामान महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा, विदेश यात्रा की योजना बनाने वालों या बच्चों की विदेशी पढ़ाई का खर्च उठाने वालों को भी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
फिलहाल, RBI किसी खास विनिमय दर को तय करने की बजाय बाजार में होने वाले तेज उतार-चढ़ाव को शांत करने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है।