रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI ने बेचे 53 अरब डॉलर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये में गिरावट को थामने के लिए मार्च में समाप्त हुए वित्त वर्ष 2026 में 53.1 अरब डॉलर (करीब 4,900 अरब रुपये) बेचे। यह पिछले वित्त वर्ष 2025 में बेचे गए 41.1 अरब डॉलर (करीब 3,800 अरब रुपये) से काफी ज्यादा है। हालांकि, RBI ने कभी-कभी डॉलर खरीदे भी, लेकिन ज्यादातर समय उसने मुख्य रूप से डॉलर बेचे। इससे साफ पता चलता है कि केंद्रीय बैंक रुपये को स्थिर रखने को लेकर कितने गंभीर है।
लगभग 50,000 करोड़ रुपये कमाए
बैंकर्स का मानना है कि रिजर्व बैंक ने इस खरीद-फरोख्त से लगभग 50,000 करोड़ रुपये कमाए होंगे, क्योंकि डॉलर पहले उस वक्त खरीदे गए थे, जब रुपया मजबूत स्थिति में था। सोने की कीमतों ने भी इस नुकसान को कम करने में थोड़ा सहारा दिया। अक्टूबर, 2025 में डॉलर की भारी बिक्री और एक करेंसी स्वैप की घोषणा करने के बावजूद भी देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 15 मई, 2026 को समाप्त हुए सप्ताह में 8.1 अरब डॉलर (करीब 750 अरब रुपये) की बड़ी गिरावट दर्ज हुई।