भारत में 2019 की तुलना में 5 गुना बढ़े निवेशक, आंकड़ा 13.2 करोड़ के पार
भारत के शेयर बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। वित्त वर्ष 2019 में जहां 2.7 करोड़ निवेशक थे, वहीं अप्रैल, 2026 तक यह संख्या बढ़कर 13 करोड़ हो गई। फिर जुलाई आते-आते 13.2 करोड़ तक जा पहुंची। निवेशकों की संख्या में इस भारी उछाल के पीछे आसान डिजिटल साइन-अप प्रक्रिया और वित्तीय शिक्षा के अभियान मुख्य कारण रहे हैं।
वित्त वर्ष 2026 में लगभग 18,000 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से करीब 9.4 लाख लोगों को वित्तीय जानकारी दी गई।
हालांकि, नए साइन-अप की रफ्तार में हाल ही में कमी आई है। वित्त वर्ष 2027 में अब तक नए निवेशकों के जुड़ने की मासिक गति 10.9 लाख के करीब रही है, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 17.5 लाख प्रति माह के रिकॉर्ड स्तर पर था।
विशेषज्ञों का मानना है कि खुदरा निवेश में आई शुरुआती तेजी के बाद अब यह रफ्तार सामान्य हुई है।
उत्तर भारत में जुड़े 4 करोड़ से अधिक नए निवेशक
निवेशकों की संख्या के मामले में उत्तर भारत ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2019 से यहां निवेशकों की संख्या 6 गुना से भी ज्यादा बढ़ गई है, जिससे 4 करोड़ से अधिक नए निवेशक जुड़े हैं।
इस सूची में महाराष्ट्र 15.5 प्रतिशत कुल रजिस्ट्रेशन के साथ अभी भी पहले नंबर पर है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश और गुजरात का नंबर आता है।
खास बात यह भी है कि भले ही बड़े राज्य निवेशकों की संख्या में आगे हों, लेकिन उनकी कुल हिस्सेदारी में अब कमी आई है।
यह दर्शाता है कि अब भारत के छोटे-छोटे शहरों और कस्बों में भी निवेश का रुझान बढ़ रहा है, जो पहले सिर्फ बड़े शहरों तक ही सीमित था।