SEZ में बड़े बदलावों को लेकर 30 जून को होगी वाणिज्य मंत्रालय की बैठक
वाणिज्य मंत्रालय ने 30 जून को एक बैठक बुलाई है। इसमें भारत के स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) के कामकाज पर नए सिरे से विचार किया जाएगा।
मंत्रालय का लक्ष्य है कि कंपनियों के लिए काम करना आसान हो, पुराने नियमों को अपडेट किया जाए, SEZ और देश के बाकी हिस्सों के बीच वित्तीय लेन-देन, आयात प्रतिस्थापन और गोदामों को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों को सुलझाया जाए।
इस पहल का मुख्य मकसद है निर्यात को बढ़ावा देना और ज्यादा निवेश आकर्षित करना है।
कमेटी तैयार कर रही 'SEZ 2.0' का ड्राफ्ट
एक 17 सदस्यीय कमेटी नए 'SEZ 2.0' योजना पर काम कर रही है। इससे SEZ को अन्य निर्यात योजनाओं से जोड़ा जा सकेगा, जिससे कामकाज और सुचारु हो पाएगा।
SEZ से होने वाला निर्यात 2024-25 में 172.07 अरब डॉलर (करीब 16,000 अरब रुपये) था, जो गिरकर 2025-26 में 133.45 अरब डॉलर (करीब 12,000 अरब रुपये) रह गया है। इसीलिए भारत की व्यापारिक ताकत बनाए रखने और नए कारोबारियों के लिए SEZ को और भी आकर्षक बनाने के लिए इन बदलावों को बेहद अहम माना जा रहा है।