केरलम में सर्राफा व्यापारियों ने पेश किया विजन 2030, नकली हॉलमार्किंग पर लगेगी लगाम
केरलम के सोने के बाजार में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। केरल गोल्ड एंड सिल्वर मर्चेंट्स एसोसिएशन (KGSMA) ने 'विजन 2030' नाम से एक नई पहल शुरू की है।
इस योजना का मुख्य मकसद सोने की खरीद-फरोख्त को और पारदर्शी बनाना है। इसमें छोटे सर्राफा व्यापारियों को सहारा देने और पारंपरिक कारीगरी को बचाए रखने पर जोर दिया गया है।
साथ ही, बढ़ते दामों, ऊंचे आयात शुल्क और नकली हॉलमार्किंग जैसी समस्याओं से निपटने की भी कोशिश की जाएगी।
100 जागरूकता सत्र आयोजित होंगे
पूरे राज्य में 100 जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनका मुख्य मकसद व्यापारियों और इससे जुड़े सभी पक्षों को जागरूक करना है। KGSMA कम आयात शुल्क की मांग कर रहा है।
पुराने सोने की रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देकर गैर-कानूनी बिक्री पर लगाम कसने की कोशिश की जा रही है। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) और हॉलमार्क विशिष्ट पहचान (HUID) शुल्क को उचित बनाने की भी अपील की गई है।
नकली हॉलमार्किंग से निपटने के लिए KGSMA ने ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के साथ मिलकर काम करने की योजना बनाई है। इसका मकसद सर्राफा व्यापारियों से लेकर आम ग्राहकों तक सभी के हितों की रक्षा करना है।