इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष से कच्चे तेल कीमतों में भारी उछाल
कच्चे तेल के दामों में सोमवार (1 जून) को 2 फीसदी से भी ज्यादा का उछाल आया है। इसकी मुख्य वजह इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लेबनान में जारी तेज संघर्ष है।
ब्रेंट क्रूड 93.05 डॉलर (करीब 8650 रुपये) प्रति बैरल पर पहुंच गया, वहीं अमेरिकी WTI भी 89.53 डॉलर (करीब 8,320 रुपये) तक चढ़ गया। इस तेजी के पीछे यह चिंता है कि अगर यह टकराव और बढ़ा तो दुनियाभर में ऊर्जा की सप्लाई पर बुरा असर पड़ सकता है।
सभी तेल मार्गों पर बढ़ा खतरा
यह संघर्ष केवल एक जगह तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया के महत्वपूर्ण तेल मार्गों के लिए भी खतरा बन गया है। इनमें हरमुज जलडमरूमध्य प्रमुख है, जहां से दुनिया का लगभग 20 फीसदी तेल और गैस का जहाजी परिवहन होता है। युद्धविराम वार्ता की अनिश्चितता और समुद्री बारूदी सुरंगों की खबरों ने स्थिति को और भी तनावपूर्ण बना दिया है।
तेल बाजार बढ़ रहा तनाव
भले ही अभी चीन से तेल की मांग नरम है, फिर भी राजनीतिक तनावों ने तेल बाजारों को चिंता में डाल रखा है। मध्य पूर्व में अस्थिरता के फैलने की आशंका है, जिस पर सभी की पैनी नजर है। इसी आशंका की वजह से तेल की कीमतें और बढ़ रही हैं।