ईरान संकट के कारण ECB ने बढ़ाई ब्याज दर, दुनियाभर में बढ़ रही महंगाई
ईरान में चल रहे संघर्ष से दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे महंगाई बढ़ रही है और आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ रही है।
इसी बीच, यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) ने करीब 3 साल में पहली बार ब्याज दरें बढ़ाईं हैं। यह इसलिए किया गया क्योंकि महंगाई अब सिर्फ ऊर्जा तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि दूसरे सामानों और सेवाओं पर भी फैल गई है। दूसरी तरफ, अमेरिका में मई महीने में कीमतें पिछले साल के मुकाबले 4.2 फीसदी बढ़ गईं, वहीं लोगों की तनख्वाह महंगाई के हिसाब से नहीं बढ़ रही है, जिसके चलते उनकी एक घंटे की वास्तविक कमाई में 0.7 फीसदी की गिरावट आई है।
वर्ल्ड बैंक ने वैश्विक आर्थिक सुस्ती की दी चेतावनी
वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, बढ़ती ऊर्जा कीमतों और ईरान युद्ध के कारण सप्लाई चेन में आई दिक्कतों की वजह से इस साल दुनिया की आर्थिक विकास दर 2020 के बाद सबसे धीमी रहेगी।
इस संकट का असर अलग-अलग क्षेत्रों में साफ दिख रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हार्डवेयर की बढ़ती मांग से चीन के निर्यात को फायदा मिला, वहीं जापान के छोटे कारोबार बढ़ती लागत के बोझ से जूझ रहे हैं। अफ्रीका और मध्य पूर्व में देखें तो घाना में औद्योगिक विकास ने तेजी पकड़ी है।
मिस्र की स्वेज नहर का राजस्व भी 2024 की शुरुआत के बाद सबसे ज्यादा रहा क्योंकि होर्मुज के बंद होने के बाद तेल टैंकरों को अपना रास्ता बदलना पड़ा।