डॉलर के मुकाबले मामूली गिरावट के साथ 94.68 पर खुला भारतीय रुपया
भारतीय रुपया बुधवार (1 जुलाई) को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.68 पर कमजोर खुला। यह पिछले दिन के 94.66 के स्तर से थोड़ा नीचे था।
इसकी मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और महीने के आखिर में आयातकों की तरफ से डॉलर की बढ़ती मांग है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि अप्रैल से जून तिमाही में रुपये ने 0.2 फीसदी की बढ़त दर्ज की। एक साल से भी ज्यादा समय बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि रुपये ने किसी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया हो।
मजबूत अमेरिकी डॉलर का रुपये पर दबाव
अमेरिकी डॉलर अपनी मजबूती बनाए हुए है। इसकी वजह वहां के मजबूत रोजगार आंकड़े और फेडरल रिजर्व (अमेरिका का केंद्रीय बैंक) की सतर्क नीतियां हैं।
इसी वजह से रुपये पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। भारत में भी आयातकों की डॉलर की मांग रुपये को कमजोर कर रही है। हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बाजार को स्थिरता देने के लिए हस्तक्षेप किया है।
CR फॉरेक्स एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक अमित पाबरी के मुताबिक, रुपया बार-बार 94 के स्तर से नीचे जाने में कामयाब नहीं रहा है। यह रुपये की मजबूती को दिखाता है।