कच्चे तेल में गिरावट से भारतीय रुपये ने डॉलर के मुकाबले लगाई छलांग
सोमवार को 6 सप्ताह में अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद मंगलवार (28 जुलाई) को भी भारतीय रुपये की मजबूती बनी रही।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 95.76 पर खुला, जो पिछले बंद भाव से 15 पैसे मजबूत है। रुपये में यह उछाल वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण आया है।
साथ ही, माना जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये को स्थिर रखने के लिए डॉलर बेचे हैं, भले ही आयातकों की ओर से डॉलर की मांग अभी भी ज्यादा है।
करीब 3,000 अरब रुपये का निवेश मिलने की उम्मीद
अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम के बाद दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें गिर गईं, जिससे बाजारों में कुछ स्थिरता आई।
इसके अलावा, भारत को उम्मीद है कि अप्रवासी भारतियों की जमा पुंजी (नॉन-रेसिडेंट डिपॉजिट्स) से करीब 32 अरब डॉलर (करीब 3,000 अरब रुपये) का बड़ा निवेश मिलेगा।
इन सभी कारणों और RBI के लगातार समर्थन की वजह से फिलहाल रुपये पर दबाव कुछ कम हुआ है। हालांकि, बाजार के जानकार इन रुझानों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं कि क्या यह स्थिति आगे भी इसी तरह बनी रहेगी।