AI का छंटनी पर असर को लेकर हुए सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा
एक नए IFSC सर्वे के मुताबिक, 32 फीसदी कंपनियों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उनकी टीम की काबिलियत बढ़ाने का एक साधन है, न कि उन्हें नौकरी से हटाने का।
खास बात यह है कि 32 फीसदी लोगों को लगता है कि AI की वजह से नौकरियों और जरूरी हुनर में बड़े बदलाव आएंगे।
कंपनियां आखिर AI क्यों अपना रही हैं? 82 फीसदी लोगों का मानना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह काम को तेज और आसान बनाना है।
इसके अलावा, पैसे बचाना, ग्राहकों को बेहतर अनुभव देना और बदलते नियमों के साथ तालमेल बिठाना भी इसके इस्तेमाल की बड़ी वजहों में शामिल हैं।
60 फीसदी कंपनियों ने किया AI में निवेश
60 फीसदी कंपनियां पहले से ही AI में निवेश कर रही हैं या इसकी तैयारी में जुटी हैं, खासकर जेनरेटिव टूल्स के मामले में।
इसके बावजूद कई कंपनियों को अभी भी साफ नियमों की कमी और मैसी डाटा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
करीब आधी कंपनियों की मांग है कि AI को सही और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए जाएं, वहीं निजता को लेकर बढ़ती चिंताएं साफ बताती हैं कि इंसानी निगरानी हमेशा एक अहम हिस्सा बनी रहेगी।