गार्डन रीच शिपबिल्डर्स को सरकार ने दिया नवरत्न कंपनी का दर्जा
कोलकाता की गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) के लिए 19 जून का दिन बेहद खास रहा। इस दिन केंद्र सरकार ने GRSE को 'नवरत्न' कंपनी का दर्जा दिया है।
यह सम्मान कंपनी के शानदार वित्तीय प्रदर्शन और देश की सुरक्षा में उनके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।
7,002 करोड़ रुपये की आय दर्ज
GRSE की कमाई में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2022 में जहां यह 1,754 करोड़ रुपये थी, वहीं वित्त वर्ष 2026 तक यह बढ़कर 7,002 करोड़ रुपये हो गई है।
कंपनी के मुनाफे में भी अच्छी-खासी वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2026 में GRSE ने 8 नए युद्धपोत भारतीय नौसेना को सौंपे, जिनमें फ्रिगेट 'दुनगागिरी' और सर्वे शिप 'संशोधक' जैसे महत्वपूर्ण जहाज शामिल थे। GRSE अब ग्रीन एनर्जी से चलने वाले और ऑटोमेटेड जहाजों के निर्माण में कदम रख रही है।
साथ ही, कंपनी एक जर्मन क्लाइंट के लिए 12 मल्टी-पर्पस वेसल्स भी बना रही है, जिससे पता चलता है कि GRSE अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रही है और नए मुकाम हासिल करने को तैयार है।