भारतीय परिवारों का खर्चा 169 लाख करोड़ रुपये पार, बदल रहे अपनी आदतें
कोविड-19 महामारी के बाद भारतीय परिवारों ने फिर से अपनी रफ्तार पकड़ी है। 2024-25 में उनका खर्च करीब 6 फीसदी बढ़कर 169 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
लोग अब उन चीजों पर ज्यादा पैसे खर्च कर रहे हैं, जो उन्हें पसंद हैं, जैसे कि सेवाएं और गैर-जरूरी सामान। कुल निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) में अब इनकी हिस्सेदारी 45.2 फीसदी हो गई है।
नशीले पदार्थों पर खर्च 22.4 फीसदी बढ़ा
शराब, तंबाकू और नशीले पदार्थों पर होने वाले खर्च में 22.4 फीसदी की बड़ी बढ़ोतरी देखी गई। दूसरी तरफ, पर्सनल केयर और दूसरी चीजों पर खर्च 19 फीसदी बढ़ गया है।
यहां तक कि खाने जैसी जरूरी चीजों पर भी 4 फीसदी ज्यादा खर्च हुआ। मीठे पकवान, रेडी-टू-ईट खाना और प्रोटीन से भरपूर चीजों ने इसमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की है।
इसका मतलब है कि लोग अपनी पसंद पर खर्च तो कर रहे हैं, लेकिन अपनी रोजमर्रा की जरूरतों का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं।