8वें वेतन आयोग से फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग, जानिए क्या होगा इसका असर
8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है। इस दौरान फिटमेंट फैक्टर मुद्दे पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।
दरअसल, यह एक ऐसा गुणांक है, जिससे आपका नया मूल वेतन तय होता है क्योंकि मकान किराया भत्ता (HRA) जैसे कई भत्ते इसी पर निर्भर करते हैं। ऐसे में फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, कर्मचारियों के वेतन में उतनी ही ज्यादा बढ़ोतरी होगी।
कितना बढ़ सकता है कर्मचारियों का वेतन?
विभिन्न कर्मचारी यूनियनें फिटमेंट फैक्टर को 2 से लेकर 5 गुना तक बढ़ाने की मांग कर रही हैं। इसका मतलब यह है कि अगर, कोई कर्मचारी अभी लेवल-1 पर है और 18,000 रुपये का मूल वेतन पा रहा है तो फिटमेंट फैक्टर बढ़ने पर उसका वेतन 36,000 रुपये (2 गुना), 45,000 रुपये (2.5 गुना) या फिर 54,000 रुपये (3 गुना) तक पहुंच सकता है।
इसी तरह, ऊंचे लेवल पर काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में भी बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। लेवल-4 पर काम कर रहे कर्मचारी का मूल वेतन 25,500 रुपये से बढ़कर 76,500 रुपये तक हो सकता है, वहीं लेवल-13 जैसे वरिष्ठ पदों पर तैनात अधिकारियों का मूल वेतन भी दोगुना या तिगुना होने की संभावना है।
हालांकि, फिटमेंट फैक्टर को लेकर अंतिम फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार की आर्थिक स्थिति क्या है और 8वां वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट में क्या सिफारिशें करता है।