BRICS समिट में MSME के लिए निर्यात बढ़ाने पर हुई चर्चा
ब्रिक्स (BRICS) देश अब सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में पैर जमाने में मदद करने के लिए कदम उठा रहे हैं। ब्रिक्स की नई दिल्ली घोषणा में इस बात पर जोर दिया गया है कि इन छोटे-बड़े व्यवसायों के लिए सस्ती दरों पर लोन और कामकाज के लिए जरूरी पूंजी जुटाना बड़ी समस्या होती है। ब्रिक्स ने निर्यात पर जोर देने वाले MSME के लिए कर्ज के मूल्यांकन के नए दिशा-निर्देशों का स्वागत किया है। इनका लक्ष्य है कि जानकारी की कमी को दूर करने के लिए अलग-अलग डाटा स्रोतों का इस्तेमाल किया जाए और इस तरह उन्हें औपचारिक वित्तीय सहायता आसानी से मिल सके।
डिजिटल व्यापार समाधानों पर दिया जोर
ब्रिक्स ने डिजिटल समाधानों पर भी जोर दिया है। साथ ही, उसने MSME को तुरंत नकदी दिलाने के लिए इनवॉइस डिस्काउंटिंग मैकेनिज्म की जांच करने को भी कहा है। ये सारे कदम 2026-30 की एक बड़ी योजना का हिस्सा हैं। इस योजना का मकसद सप्लाई चेन को डिजिटल बनाना और व्यापार को और भी आसान करना है।
घोषणा में स्पेशल इकोनॉमिक जोन को व्यापार के लिए बेहद अहम बताया गया है। इसमें सरल नियमों और डिजिटल कागजी कार्रवाई की बात कही गई है, ताकि MSME दुनियाभर में मुकाबला कर सकें।