अमेरिका-ईरान युद्धविराम की उम्मीदों से डॉलर लुढ़का
सप्ताह के आखिर में अमेरिकी डॉलर की कीमत कम हो गई है। दरअसल, ऐसी खबरें आ रही हैं कि अमेरिका और ईरान अपने बीच के 60 दिनों के युद्धविराम को और आगे बढ़ा सकते हैं। इस समझौता पर अभी भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुहर लगना बाकी है। इसके लागू होने से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही के नियम भी आसान हो जाएंगे।
तनाव कम होने की इन उम्मीदों से तेल की कीमतें भी नीचे आ गई हैं और अब निवेशक सुरक्षा के लिए डॉलर खरीदने में जल्दबाजी नहीं दिखा रहे हैं।
यूरो और न्यूजीलैंड डॉलर में बढ़ोतरी
संभावित युद्धविराम की इन खबरों के आने के बाद यूरो बढ़कर 1.1653 डॉलर (करीब 105 रुपये) हो गया और न्यूजीलैंड डॉलर भी 0.5946 अमेरिकी डॉलर (करीब 55 रुपये) तक पहुंच गया। ये दोनों ही मुद्राएं पिछले 2 हफ्तों में अपने सबसे ऊंचे स्तर के करीब हैं।
दूसरी तरफ, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर स्थिर बना रहा, जबकि ब्रिटिश पाउंड में कोई खास बदलाव नहीं दिखा।
इसी दौरान, जापान का येन मजबूत हो गया। अमेरिका में महंगाई दर 3 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इसका मुख्य कारण संघर्ष की वजह से तेल और ऊर्जा की कीमतों में हुई बढ़ोतरी थी। ऐसे में अब इस बात की संभावना कम हो गई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अगले साल तक ब्याज दरों में कोई बदलाव करेगा।