TCS की ग्राहकों को AI की सुविधा देने के लिए 8,900 इंजीनियर्स नियुक्ति करने की योजना
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपने ग्राहकों के कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक को बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए 8,900 फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर्स की भर्ती करने की योजना बनाई है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के कृतिवासन का कहना है कि ये विशेषज्ञ सीधे ग्राहकों के साथ मिलकर काम करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि AI टूल हर कंपनी की खास जरूरतों के हिसाब से पूरी तरह फिट बैठें।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब तकनीकी जगत इस बात को लेकर चिंतित है कि AI के कारण आउटसोर्सिंग की नौकरियां किस तरह प्रभावित हो सकती हैं।
अधिग्रहण और कर्मचारी ट्रेनिंग पर जोर
कृतिवासन का मानना है कि ग्राहकों के साथ TCS के मजबूत संबंध उसे AI समाधानों को लागू करने में दूसरों से बेहतर बनाते हैं।
कंपनी अब सिर्फ अपने दम पर आगे बढ़ने के बजाय AI, डाटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दूसरी फर्मों का अधिग्रहण करने पर भी विचार कर रही है।
हालांकि, हाल ही में इस तकनीक से होने वाले राजस्व में कमी आई है, फिर भी TCS हर साल एक अरब डॉलर (करीब 90 अरब रुपये) का निवेश कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने और अपनी टीमों के लिए AI को और सुलभ बनाने में कर रही है। मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) समीर सेक्सारिया बताते हैं कि भविष्य में सफल होने के लिए इस तकनीक में खास हुनर वाले लोगों को काम पर रखना बेहद जरूरी है।