टाटा समूह में घमासान: चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार पर कानूनी लड़ाई तय
टाटा समूह में इन दिनों एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कंपनी के बोर्ड ने चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने का फैसला लिया है।
इसके साथ ही बोर्ड ने कंपनी को सार्वजनिक लिस्टिंग की तरफ बढ़ाने का भी कदम उठाया है।
हालांकि, टाटा संस में 66 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट ने चंद्रशेखरन के इस कार्यकाल विस्तार को अवैध करार दिया है। ट्रस्ट अब इस मामले में अदालत जाने के संकेत दे रहा है।
दोनों पक्ष ले रहे नामी वकीलों की मदद
इस विवाद को देखते हुए दोनों पक्षों ने बड़े-बड़े वकीलों की फौज उतार दी है। ऐसे में यह मामला अदालत में और गरमा सकता है।
एक तरफ टाटा संस की टीम इस सार्वजनिक लिस्टिंग योजना का समर्थन कर रही है, वहीं दूसरी ओर नोएल टाटा और टाटा ट्रस्ट के वकीलों का कहना है कि टाटा ट्रस्ट ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार को अवैध बताया था और बोर्ड की बैठक में नोएल टाटा को वोटिंग में कम वोट मिले थे।
टाटा संस भी पारदर्शिता को लेकर कुछ सवाल उठा रहा है। इन सब वजहों से यह टकराव अब काफी दिलचस्प हो गया है।