शीन ग्रोथ बढ़ाने के लिए बना रही दूसरी कंपनियां खरीदने की योजना
फास्ट-फैशन के कपड़ों का कारोबार करने वाली कंपनी शीन ने हांगकांग में अपने आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) से 1.74 अरब डॉलर (करीब 160 अरब रुपये) जुटाए हैं।
अब कंपनी अपनी ग्रोथ को बढ़ाने के लिए दूसरे ब्रांड्स को खरीदने पर विचार कर रही है। उसने अपने प्रॉस्पेक्टस में इस बात की पुष्टि की है कि वह अमेरिकी सस्टेनेबल ब्रांड एवरलेन को 8 करोड़ डॉलर (करीब 760 अरब रुपये) में खरीदने की तैयारी में है। इस सौदे से शीन उन ग्राहकों तक पहुंच बनाना चाहती है, जो पर्यावरण को लेकर जागरूक हैं और जिनकी आय भी ज्यादा है।
एवरलेन के अधिग्रहण से बिक्री हुई धीमी
एवरलेन को अपने साथ मिलाकर और दूसरे नए ब्रांड्स को भी अपनी सप्लाई चेन में जोड़कर शीन अपनी उस छवि से छुटकारा पाना चाहती है, जिसमें उसे केवल एक फास्ट-फैशन क्रेज माना जाता है।
कंपनी का मकसद एक ज्यादा विविध उत्पाद लाइन तैयार करना है। एवरलेन के कुछ प्रशंसक इस अधिग्रहण से खुश नहीं हैं।
दूसरी तरफ, जानकारों का मानना है कि यह कदम शीन को प्रीमियम बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद कर सकता है, लेकिन कंपनी के लिए राह आसान नहीं है।
IPO के बाद से शीन के शेयर 20 फीसदी से ज्यादा गिर चुके हैं। साथ ही, बिक्री की ग्रोथ भी धीमी पड़ गई है। इसकी एक वजह अमेरिका के नए आयात नियम बताए जा रहे हैं।