एक ही उत्पाद ऑनलाइन और ऑफलाइन बेचना नुकसानदायक, एसर इंडिया के अध्यक्ष ने किया दावा
क्या है खबर?
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन, फ्लिपकार्ट और ऑफलाइन स्टोर्स पर एक जैसे उत्पाद बेचने से ब्रांड्स को गंभीर नुकसान हो सकता है। एसर के प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष हरीश कोहली ने यह चेतावनी दी है। उन्होंने एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर आक्रामक मूल्य प्रतिस्पर्धा अक्सर ब्रांड्स को छूट देने के लिए मजबूर करते हैं, भले ही उपभोक्ता इसकी मांग न कर रहे हों। इसका दबाव उत्पाद निर्माता कंपनियों पर पड़ता है और उसे भारी नुकसान होता है।
दावा
2 ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचना भी गलत
मनीकंट्रोल को दिए साक्षात्कार में हरीश कोहली ने कहा कि उन्होंने कहा, "कोई भी कंपनी तब तक खत्म हो जाएगी, जब वह अमेजन और फ्लिपकार्ट पर एक ही उत्पाद बेचेगी। ऑफलाइन की बात छोड़ दें तो दोनों प्लेटफॉर्म पर एक ही उत्पाद बेचना भी आपको खत्म करने के लिए काफी है।" एसर प्रमुख ने कहा कि प्लेटफॉर्म ऐसे परिष्कृत टूल का इस्तेमाल करते हैं, जो उपभोक्ता के खरीदारी की इच्छा जताते ही कीमतों में कटौती कर देते हैं।
कटौती
प्रतिस्पर्धा के कारण कीमतों में करते हैं कटौती
हरीश कोहली ने कहा, "अमेजन कीमत में 5 रुपये की कटौती करता है, तो फ्लिपकार्ट 10 रुपये घटा देता। ग्राहक ने छूट नहीं मांगी थी, फिर भी आपने छूट दे दी और इसका खामियाजा ब्रांड को भुगतना पड़ता है।" उनके अनुसार, जब एक ही स्टॉक कीपिंग यूनिट (SKU) को सभी चैनल्स पर लिस्ट किया जाता है तो कीमत ही एकमात्र अंतर बन जाती है। ऐसे में ग्राहक इनमें से सस्ती कीमत वाला उत्पाद चुनता है।
बदलाव
ऑनलाइन बिक्री में अब आई गिरावट
एसर ने अब अपनी गो-टू-मार्केट रणनीति को प्रबंधित करना सीख लिया है। कोहली ने कहा, "उत्पादों को चैनल के आधार पर अलग-अलग किया जाता है और हम समझते हैं कि अमेजन या फ्लिपकार्ट पर किस तरह के ग्राहक आते हैं।" उन्होंने इस धारणा का भी खंडन किया कि ई-कॉमर्स भौतिक खुदरा बिक्री को लगातार प्रभावित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बिक्री महामारी के दौरान चरम पर थी, लेकिन ग्राहकों की सोच बदलने के बाद से इसमें गिरावट आई है।