SEBI के नए CAS को लेकर शेयर बाजार में नहीं दिख रहा उत्साह
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 3 अगस्त को शेयर बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने और शेयरों की सही बंद होने वाली कीमत तय करने के लिए नया क्लोसिंग ऑक्शन सेशन (CAS) शुरू किया था। यह कदम इसलिए भी खास है क्योंकि आजकल भारत में पैसिव फंड्स की भूमिका बढ़ती जा रही है, लेकिन शुरुआत में बाजार थोड़ा संभलकर चल रहा है।
अभी ऑक्शन की कीमतें नियमित ट्रेडिंग से 0.5 से एक फीसदी तक अलग दिख रही हैं और ज्यादातर ट्रेडर भी इसमें ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
सुधार के लिए किए जा रहे बदलाव
SEBI के मुताबिक, इन शुरुआती दिक्कतों के पीछे कोई गड़बड़ी की आशंका नहीं है। उनका मानना है कि बाजार बस थोड़ी सावधानी बरत रहा है।
वे पहले से ही इसमें सुधार लाने पर काम कर रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सकें और पूरा सिस्टम ठीक से काम करे। इसके लिए वे ब्रोकर टूल्स को बेहतर बना रहे हैं और डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में समय से जुड़ी दिक्कतों को भी ठीक कर रहे हैं।
नियामक का लक्ष्य है कि जैसे-जैसे चीजें सामान्य होंगी CAS बाजार को सही तरीके से बंद करने का एक भरोसेमंद माध्यम बन जाएगा।