SEBI कंपनियों के कर्जा चुकाने के नियमों में करने जा रही फेरबदल
बिज़नेस
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) बॉन्ड्स को पहचानने वाले खास कोड (ISIN) के नियमों में बदलाव करने की सोच रही है। इसका मकसद बड़ी कंपनियों के लिए कर्ज चुकाने का तरीका आसान बनाना है।
फिलहाल, एक बड़ी दिक्कत यह है कि कई बॉन्ड्स एक साथ भुगतान के लिए तैयार हो जाते हैं। इससे कंपनियों, खासकर गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के पास पैसों की कमी हो जाती है और रीफाइनेंसिंग का जोखिम बढ़ जाता है।
ISIN की संख्या बढ़कर होगी 12
इस नई ‘पे-एज-यू-ग्रो’ भुगतान योजना के तहत, कंपनियां अपने बॉन्ड का भुगतान पूरे साल में धीरे-धीरे कर पाएंगी। ISIN की संख्या 9 से बढ़कर 12 हो जाएगी, वहीं कुल सीमा भी 14 से बढ़कर 17 कर दी जाएगी।
इससे कंपनियों पर भुगतान का दबाव कम होगा और रीफाइनेंसिंग का जोखिम भी घटेगा।