2046 तक भारत के 2,000GW बिजली क्षमता के लिए अडाणी समूह कर रहा यह तैयारी
भारत की ऊर्जा की मांग बहुत तेजी से बढ़ने वाली है और अगले 2 दशकों में देश को करीब 2,000 गीगावाट (GW) नई बिजली क्षमता जोड़नी होगी।
अडाणी ग्रीन एनर्जी के कार्यकारी निदेशक सागर अडाणी का कहना है कि विद्युतीकरण भारत के भविष्य की सुरक्षा और ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने के लिए बहुत जरूरी है।
अडाणी समूह की 50GW रिन्यूएबल एनर्जी की योजना
2024 में भारत ने 10,000 टेरावॉट-आवर (TWh) ऊर्जा का इस्तेमाल किया, जो चीन के 32,810TWh से बहुत कम है। इससे पता चलता है कि जैसे-जैसे लोगों की आमदनी बढ़ेगी, विकास की बहुत गुंजाइश है।
इस मांग को पूरा करने के लिए अडाणी समूह 2030 तक 50GW रिन्यूएबल एनर्जी और 2035 तक 10GW न्यूक्लियर पावर जोड़ने की योजना बना रहा है।
इसके लिए समूह 100 अरब डॉलर (करीब 9,000 अरब रुपये) से ज्यादा का निवेश कर रहा है साथ ही सरकार और उद्योग के बीच तालमेल की अपील कर रहा है, ताकि क्लीन एनर्जी हर किसी के लिए सस्ती और सुलभ हो सके।