ब्याज दर बढ़ने की आशंका से अमेरिकी बाजार में गिरावट, भारत में भी दिखा असर
अमेरिकी शेयर बाजार में मंगलवार (15 सितंबर) को गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से निवेशक घबराए हुए थे। डाउ जोंस, S&P 500 और नैस्डैक तीनों ही इंडेक्स नीचे गिरे।
इसी बीच, अमेरिका की 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 2007 के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। इससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में ब्याज दरें बढ़ सकती हैं।
निफ्टी 5 महीने के निचले स्तर पर लुढ़का
दुनियाभर के बाजारों की गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा। निफ्टी 5 महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और मिडकैप शेयर 2 फीसदी से ज्यादा नीचे गिरे।
रुपये में भी डॉलर के मुकाबले कमजोरी देखने को मिली। शुक्रवार को 95.55 रुपये प्रति डॉलर के मुकाबले यह 95.96 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। यह पिछले 2 महीनों में रुपये में एक दिन की सबसे तेज गिरावट थी। विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों से करीब 2,977 करोड़ रुपये की निकासी की है। हालांकि, घरेलू निवेशकों ने शेयर खरीदकर इस गिरावट को संभालने की कोशिश की, लेकिन वे बाजार को और नीचे जाने से नहीं रोक पाए।