अरबों रुपये का विलय रद्द होने से क्रिप्टो कंपनियों पर गहराया संकट
स्पेशल पर्पस एक्विजिशन कंपनी (SPAC) के जरिए शेयर बाजार में सार्वजनिक होने की आस लगाए बैठी क्रिप्टो कंपनियों के लिए हालात लगातार मुश्किल होते जा रहे हैं। इसकी वजह क्रिप्टो बाजार में जारी गिरावट है।
हाल ही में, रिजर्ववन ने अपना एक अरब डॉलर (करीब 95 अरब रुपये) का विलय समझौता रद्द कर दिया है। इस कंपनी से पूर्व अमेरिकी वाणिज्य सचिव विल्बर रॉस जैसे बड़े नाम जुड़े थे।
विलय रद्द होने की मुख्य वजह बिटकॉइन की कीमतों में आई भारी गिरावट और निवेशकों का यह डर था कि समझौते के बाद मिलने वाले शेयरों की कीमत बहुत कम हो जाएगी।
SPAC सौदों में लगती है भारी फीस
SPAC सौदों में भारी-भरकम लेन-देन फीस लगती है, जो रिजर्ववन जैसी उन कंपनियों के लिए अच्छी बात नहीं है, जिनके पास बिटकॉइन और एथेरियम जैसे अस्थिर डिजिटल एसेट होते हैं।
इस अनिश्चितता के कारण यह अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है कि ये विलय आखिर में कितने फायदेमंद साबित होंगे।
इसी बीच, एवलांच ट्रेजरी कॉर्प के शेयर भी उसके स्पेसैक विलय के ठीक बाद लगभग 90 फीसदी तक गिर गए। पिछले साल अक्टूबर में बिटकॉइन, जब अपनी सबसे ऊंची कीमत पर था, तब से अब तक सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली डिजिटल-एसेट कंपनियों के खजाने के मूल्यांकन में 62 अरब डॉलर (5,900 अरब रुपये) की भारी कमी आ चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मंदी के दौर में केवल वही कंपनियां टिक पाएंगी, जिनके पास एक ठोस बिजनेस प्लान है।