RBI ने टाटा संस की लिस्टिंग मामले में कैविएट याचिका दाखिल की
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक कैविएट याचिका (अग्रिम कानूनी सूचना) दाखिल की है। इसका मतलब है कि टाटा संस को सार्वजनिक करने से को लेकर अदालत कोई भी फैसला सुनाने से पहले RBI की बात जरूर सुनेगी।
बैंक ने यह कदम तब उठाया है, जब उसने टाटा संस की उस अर्जी को नामंजूर कर दिया था, जिसमें कंपनी ने अपनी सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन (CoR) को वापस करने की गुजारिश की थी।
कंपनी ऐसा इसलिए करना चाहती थी, ताकि उसे एक गैर-पंजीकृत कोर इंवेस्टमेंट कंपनी (CIC) के तौर पर देखा जाए।
लिस्टिंग पर शेयरधारकों के बीच मतभेद
टाटा संस एक बड़ी वित्तीय कंपनी है और इस पर सख्त नियम लागू होते हैं। कंपनी के पास कुल 2.01 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। शापूरजी पालोनजी ग्रुप चाहता है कि कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जाए। उनकी सोच है कि इससे कंपनी के शेयरों की सही कीमत सामने आएगी और उन्हें अच्छा रिटर्न मिलेगा। इसके पास टाटा संस में 18.37 फीसदी हिस्सेदारी है।
हालांकि, इसकी कंपनी की सबसे बड़ी हिस्सेदार टाटा ट्रस्ट्स इस विचार से सहमत नहीं है। वह चाहता है कि होल्डिंग कंपनी को सार्वजनिक न किया जाए। इसके बजाय, वे शापूरजी पालोनजी ग्रुप के साथ मिलकर कोई ऐसा रास्ता निकालना चाहते हैं, जिससे ग्रुप अपनी हिस्सेदारी बेच सके और दोनों पक्षों को फायदा हो।
RBI का यह कदम दिखाता है कि वह इस बड़ी बहस के बीच अपनी नियामक भूमिका को बनाए रखना चाहता है।