नोएल टाटा के सामने टाटा संस को सार्वजनिक करने की बड़ी चुनौती
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने टाटा संस को यह बता दिया है कि अब इसे एक सार्वजनिक कंपनी बनना होगा। इसी बात ने चेयरमैन नोएल टाटा को चौंका दिया है।
टाटा संस के ज्यादातर शेयर टाटा ट्रस्ट्स के पास हैं और नोएल टाटा ही इसकी कमान संभालते हैं। ऐसे में अब उनके सामने कंपनी का नियंत्रण अपने हाथ में रखने की मुश्किल चुनौती आ गई है।
कई बार छूट की मांग करने के बावजूद RBI अभी भी इस बात पर कायम है कि टाटा संस एक बड़ी वित्तीय संस्था है, जिसे इन नियमों का सख्ती से पालन करना ही होगा।
चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने पर भी विचार
इस गुरुवार को होने वाली बैठक में इस नई लिस्टिंग शर्त पर चर्चा की जाएगी। इसी बीच, चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल फरवरी, 2027 के बाद भी बढ़ाने का प्रस्ताव भी सामने आया है, ताकि कंपनी में स्थिरता बनी रहे। यह स्थिरता इसलिए भी जरूरी है क्योंकि सेमीकंडक्टर प्लांट जैसी कई बड़ी परियोजनाएं और एयर इंडिया का सुधार कार्य अभी जोरों पर चल रहा है।
अगर, टाटा संस सार्वजनिक हो जाती है तो इससे शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप को अपना हिस्सा बेचने का रास्ता भी साफ हो सकता है और उनका भारी कर्ज भी कम हो सकता है।