राजस्व में हेरफेर के आरोप में राजेश एक्सपोर्ट्स पर PLI से बाहर होने की नौबत
भारी उद्योग मंत्रालय (MHI), भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की हालिया जांच की समीक्षा कर रहा है। इसी समीक्षा के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स को सरकार की एडवांस्ड बैटरी स्टोरेज उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना से बाहर किया जा सकता है।
SEBI ने कंपनी पर आरोप लगाया है कि उसने वित्तीय वर्ष 2021 से 2025 के बीच अपने राजस्व को करीब 15.15 लाख करोड़ रुपये बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया है।
साथ ही, नियामक संगठन ने यह भी कहा है कि उसने अपनी सहायक कंपनियों के राजस्व की जानकारी भी लगभग 99.8 फीसदी गलत दी है और कई जरूरी लेन-देन को छुपाया है।
राजेश मेहता पर ट्रेडिंग की पाबंदी लगाई
SEBI ने कंपनी के अध्यक्ष राजेश मेहता को ट्रेडिंग करने से रोक दिया है और फॉरेंसिक ऑडिट का आदेश भी दिया है। इसको लेकर मेहता का कहना है कि SEBI ने उनके वित्तीय आंकड़ों को गलत समझा है और EBITDA को राजस्व के साथ मिला दिया है।
मंत्रालय जल्द ही इस पर फैसला सुना सकता है, लेकिन राजेश एक्सपोर्ट्स को PLI योजना से बाहर किए जाने की संभावना अब और बढ़ गई है। कंपनी ने नियामक संगठन को कई दस्तावेज भेजे हैं और जल्द ही सभी सवालों के साफ-साफ जवाब देने का वादा किया है।