प्रोटॉन ने कर्मचारियों की AI से जासूसी कराने के आरोपों को नकारा
प्रोटॉन मेल बनाने वाली कंपनी प्रोटॉन ने हाल ही में फैली कुछ अफवाहों पर सफाई दी है। इनमें दावा किया गया था कि कंपनी अपने कर्मचारियों के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जनरेटेड कोड की जासूसी कर रही है।
साथ ही यह भी कहा जा रहा था कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की भर्ती रोकने वाली है और AI के इस्तेमाल को लेकर कर्मचारियों का दोबारा साक्षात्कार लेगी।
कंपनी ने इन सभी बातों को गलत बताया है। उसका कहना है कि उनके कर्मचारियों के लैपटॉप पर कोई ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर नहीं है। न ही AI के इस्तेमाल के बारे में किसी कर्मचारी का दोबारा साक्षात्कार लिया जा रहा है। उसने यह भी साफ किया कि AI से जुड़े साक्षात्कार की वजह से किसी की नौकरी नहीं जाएगी।
कुछ इंटरनल टूल्स को करेगी ओपन-सोर्स
प्रोटॉन ने साफ किया कि यह सारी गलतफहमी उनके डिवाइस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर को लेकर पैदा हुई थी, न कि किसी के कोड की निगरानी करने की वजह से।
कंपनी ने यह भी भरोसा दिलाया है कि वे काम में AI का इस्तेमाल कैसे करते हैं, इस बारे में पूरी तरह से खुले रहेंगे। प्रोटॉन ने कहा कि वे पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध हैं और अपने कुछ इंटरनल टूल्स को ओपन-सोर्स करने की योजना बना रहे हैं।
इसके साथ ही, कंपनी ने बताया कि जैसे-जैसे वे अपने काम में AI को और ज्यादा शामिल करेंगे, यूजर का डाटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। प्रोटॉन ने जोर देकर कहा, "AI का हमारा इस्तेमाल कभी भी सुरक्षा की कीमत पर नहीं होगा।"